जानिए तंबाकू सेवन के क्या दुष्प्रभाव हैं? Tobacco Side Effects in Hindi

Tobacco Side Effects in Hindi
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जानिए तंबाकू सेवन के क्या दुष्प्रभाव हैं? मनुष्य ख़ुशी की तलाश में होता है। ख़ुशी की तलाश में, वह विभिन्न व्यसनों के आहार पर चला जाता है। तंबाकू (Tobacco) उनमें से एक है। तंबाकू ही कई लोगों की जान लेता है। आदमी चाहे उसे छोड़ने कि कोशिश करे, हालांकि नशेड़ी पर उसकी पकड़ इतनी मजबूत होती है कि वह अपनी आदत नहीं छोड़ पाता। बहुत पहले से सभी जानते थे कि तम्बाकू स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। हालांकि साइड इफेक्ट बहुत गंभीर होते हैं, लेकिन वे लंबे समय के बाद होते हैं। धूम्रपान करने वालों को शुरुआत में इसके हानिकारक प्रभावों का पता नहीं चलता है। धीरे-धीरे ये घातक प्रभाव बढ़ जाते हैं जब ये एक खुरदुरा, भयानक रूप धारण कर लेते हैं। तभी व्यसनी आदमी को धूम्रपान के हानिकारक प्रभावों के लक्षण दिखाई देते है।

तम्बाकू का प्रयोग विभिन्न प्रकार से किया जाता है। इसका उपयोग सिगरेट, बीड़ी, सिगार, पाइप और हुक्का के रूप में किया जाता है। तंबाकू किसी भी रुप में रहें पर शरीर के लिए हानिकारक होता है। तम्बाकू अब गुटखा के साथ-साथ पानमसाला के रूप में भी उपलब्ध है। तरीका कुछ भी हो, तंबाकू सेहत के लिए हानिकारक होता है। सिगार या पाइप द्वारा तम्बाकू का सेवन कम घातक होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि निकोटिन सीधे मुंह में जाता है। सिगरेट पीने वाले, पाइप धूम्रपान करने वाले तंबाकू के धुएं को फेफड़ों में गहराई तक नहीं ले जा सकते। इसलिए, सिगार पीने से तंबाकू का परिणाम होता है। सिगरेट पीने वाले निकोटिन को नासिका में और फेफड़ों में गहराई से निगलकर इसका आनंद लेते हैं।

तंबाकू सेवन के दुष्प्रभाव – Side Effects of Tobacco Use

१) तंबाकू और धूम्रपान से अस्थमा और कैंसर जैसी भयानक बीमारियां होती हैं। धूम्रपान करने वालों को हमेशा सिरदर्द कि तकलीफ होती है। साथ ही कफ बढ़ जाता है। गले का कैंसर भी हो सकता है। अधुरा अथवा ना जलनेवाले कार्बन के हिस्से दाग का कारण बनते हैं। इससे श्वसन संबंधी निमोनिया भी हो सकता है और धमनी रोग भी होता है। यदि आप धूम्रपान छोड़ देते हैं तो धूम्रपान के दाग धीरे-धीरे दूर हो जाते हैं।

२) तम्बाकू में लगभग ४०० प्रकार के भाग होते हैं। इसमें प्रमुख अर्थात निकोटीन, टार, कार्बन मोनोऑक्साइड, अमोनिया और ना जलनेवाले कार्बन के हिस्से है। खास बात यह है कि ये सभी अंग शरीर के लिए बेहद हानिकारक होते हैं। इनका शरीर के स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है। इसमें सिगरेट पेपर को शामिल करना भी जरूरी है क्योंकि यह पेपर शरीर के लिए हानिकारक है।

३) कुछ लोगों के लिए, धूम्रपान फेफड़ों की जटिलताओं का कारण बन सकता है। धूम्रपान वायुमार्ग को संकुचित करता है और इस प्रकार हवा के प्रवाह को बाधित करता है। जैसे ही वायु प्रवाह बाधित होता है, फेफड़े ऑक्सीजन के लिए दम तोड़ देते हैं। शरीर में ऑक्सीजन की कमी के कारण शरीर को संघर्ष करना पड़ता है। अगर आप धूम्रपान नहीं छोड़ेंगे तो आपको मौत से कोई नहीं बचा पाएगा। यदि आप धूम्रपान जारी रखते हैं, तो आपका शरीर अक्षम हो जाएगा, पतित हो जाएगा और अंततः लाइलाज फेफड़ों का कैंसर बन जाएगा।

४) तंबाकू सेवन के दुष्प्रभाव – तंबाकू में डामर युक्त कार्सिनोजेनिक पाया जाता है। इसमें इस कार्सिनोजेनिक की मात्रा अधिक होती है। यह शरीर के महत्वपूर्ण कार्यों को प्रभावित करता है। इसका परिणाम कैंसर होता है। जब आप कम उम्र में सिगरेट पीना शुरू करते हैं तो धीरे-धीरे इसका हानिकारक प्रभाव पड़ने लगता है। सबसे खतरनाक चीज है हर दिन सही समय पर ढेर सारी सिगरेट पीना। इससे फेफड़ों के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।

५) तंबाकू से हृदय संबंधी समस्याएं और लकवा भी होता है। निकोटीन रक्त कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाता है। यह शरीर के हृदय, मस्तिष्क, पैरों आदि में रक्त ले जाने वाली प्रमुख और महत्वपूर्ण रक्त वाहिकाओं में रुकावट का कारण बनता है। नतीजतन रक्त प्रवाह रुक जाता है निकोटीन के कारण अस्थमा, हृदय रोग, स्ट्रोक और संवहनी विकार होते हैं। निकोटीन दिल की धड़कन की दर को बढ़ाकर हृदय की प्रक्रिया को असंतुलित कर देता है। इससे रक्तचाप बढ़ाता है। इससे दिल पर काम का तनाव बढ़ जाता है। जैसे-जैसे काम का तनाव बढ़ता है, उसे अतिरिक्त ऑक्सीजन की जरूरत होती है।

६) तंबाकू सेवन के दुष्प्रभाव – तंबाकू के सेवन से दिल के दौरे का एक प्रमुख कारण हो सकता है। सिगरेट पीना ही हार्ट अटैक का एक मात्र कारण है। जिनकों और भी खतरे हैं जैसे कि, वंशानुगत दिल की धड़कन संबंधी विकार, उच्च रक्तचाप, मधुमेह और उच्च रक्त कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ना। उन लोगों को ज्यादा खतरा होता है। ऐसे लोगों को धूम्रपान नहीं करना चाहिए। जो लोग पाइप या सिगार पीते हैं उन्हें दिल का दौरा पड़ने का खतरा कम होता है। उन्होंने जोर से धूम्रपान नहीं करना चाहिए।

७) धूम्रपान से सामान्य शारीरिक स्वास्थ्य नहीं बना रहता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि तंबाकू केवल फेफड़ों और हृदय को प्रभावित करता है, जो शरीर के मुख्य अंग हैं। उम्र चाहे जो भी हो धूम्रपान बौद्धिक प्रक्रिया को बाधित करता है। धूम्रपान करने वाले के दिल की सर्जरी से हृदय की कार्यप्रणाली में सुधार हो सकता है। पेट के अल्सर लगभग सभी धूम्रपान करने वालों में आम हैं। उनकों खाना नहीं जाता। जाते हैं तो उल्टी होती है। दांत और मसूड़े की बीमारी भी लगभग सभी को प्रभावित करती है। धूम्रपान से आंखों की रोशनी भी कम होती है। यदि आप धूम्रपान बंद कर देते हैं, तो आप इसे नियंत्रित कर सकते हैं।

८) तंबाकू सेवन के दुष्प्रभाव – तंबाकू चबाने के कारण मुंह, गले और गर्दन का कैंसर हो सकता है। सिगरेट का तरीका सबसे खतरनाक होता है। ये अन्य तरीके कम खतरनाक हैं। हालांकि, कम डामर सामग्री के कारण सिगरेट से फेफड़ों के कैंसर होने की संभावना कम होती है, लेकिन वे दिल के दौरे और संबंधित विकारों के जोखिम को बढ़ाते हैं, जिससे मृत्यु हो सकती है।

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अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें घरेलू उपचार करने से पहले अपने नजदीकी डॉक्टर और सही व्यक्ति से सलाह अवश्य लें।

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