अस्थमा क्या है

अस्थमा सबसे ज्यादा परेशान करने वाली बीमारी है। श्वासनली में रुकावट से सांस लेना मुश्किल हो जाता है, इसलिए सांस की तकलीफ होती है। अस्थमा बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक किसी भी उम्र में हो सकता है।

अस्थमा के लक्षण 

साँस लेने और साँस छोड़ना में ज़्यादा कठिनाई होतीं है।

बार-बार खाँसी आना। अधिकतर दौरे के साथ खाँसी आना।

साँस लेते समय सीटी की आवाज आना।

छाती में जकड़ाहट तथा भारीपन।

चिंतित और भयभीत होना

अस्थमा के कारण

अस्थमा होने के कई कारण होते हैं। जलवायु परिवर्तन से एलर्जी, धूल, भोजन, दवाएं, इत्र महत्वपूर्ण कारण हैं।

एलर्जी वाले पदार्थ, मानसिक तनाव, वायु प्रदूषण, बैक्टीरिया और आनुवंशिकता भी अस्थमा के कारण होते हैं।

माता-पिता दोनों को अस्थमा रहें तो बच्चों में अस्थमा होने की संभावना ८५ से १०० होती है।

अस्थमा के लिए घरेलू उपचार

जिस कमरे में आपका बच्चा रहता हो या उसका ज्यादा समय बीतता हो, उसे साफ सुथरा और धूल मुक्त रखें।

गर्म पानी कि बाफ नाक मे लें। धूप सेंकना। पैरों को गर्म पानी में डुबोएं। इससे छाती में जमा कफ साफ हो जाता है।

आहार बहुत महत्वपूर्ण है। आहार में कार्बोहाइड्रेट, फैट और प्रोटीन कम होना चाहिए। क्योंकि इससे शरीर में एसिडिटी हो जाती है।

हल्दी अस्थमा के लिए उपयोगी है। कहा जाता है कि शहद की हल्की सी महक भी दमा को कम कर देती है।

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